अश्क अलमास का परिचय
अश्क अलमास, जिनका अस्ल नाम राहत आलम है, उर्दू शायरी में एक उभरता हुआ नाम हैं। 20 जनवरी 1997 को मोतीहारी, बिहार में पैदा होने वाले अश्क अलमास ने अपनी इब्तिदाई तालीम अपने आबाई शहर के साथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से हासिल की। बाद अज़ाँ यूनिवर्सिटी ही से बी.टेक. और एम.टेक. की डिग्री भी हासिल की। शायरी और अदब के लिए गहरी मोहब्बत के साथ, अश्क अलमास ने अपनी तख़लीक़ी सलाहियतों के ज़रिये उर्दू के मुआसिर शेरी मंज़रनामे में एक मुन्फ़रिद मक़ाम बनाया। वो तक़रीबन पिछले दस साल से मश्क़-ए-सुख़न में मह्व हैं।
फ़िलहाल वो अबूधाबी में मुक़ीम हैं और सिविल इंजीनियरिंग में पी.एच.डी. कर रहे हैं। उनकी शायरी रिवायत और क्लासीक के शुऊर के साथ नयापन लिए हुए भी है। उनकी ग़ज़ल ज़िंदगी के हवाले से दिल की गहरी कैफ़ियात और असरी हक़ीक़तों को बख़ूबी उजागर करती है। उनके अशआर की सादगी, जज़्बात की गहराई और वज़ाहत उन्हें मुन्फ़रिद और नुमायाँ शायर बनाती है।