noImage

ग़ुलाम मुर्तज़ा कैफ़ काकोरी

ग़ुलाम मुर्तज़ा कैफ़ काकोरी

शेर 1

तड़प जाता हूँ जब बिजली चमकती देख लेता हूँ

कि इस से मिलता-जुलता सा किसी का मुस्कुराना है

  • शेयर कीजिए