ख़ावर एजाज़ के ऑडियो

ग़ज़ल

कभी मैं चुप कभी हर्फ़-ए-बयाँ में रहता हूँ

नोमान शौक़

कहीं रुकने लगी है कश्ती-ए-उम्र-ए-रवाँ शायद

नोमान शौक़

दरून-ए-जाँ का शगूफ़ा जला हुआ निकला

नोमान शौक़

मकाँ नज़दीक है या ला-मकाँ नज़दीक पड़ता है

नोमान शौक़

मुझे इस ख़्वाब ने इक अर्से तक बे-ताब रक्खा है

नोमान शौक़

वो मिरे हिसाब में इंतिहा नहीं चाहता

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

Jashn-e-Rekhta | 2-3-4 December 2022 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate, New Delhi

GET YOUR FREE PASS
बोलिए