ख़ुर्रम ख़लीक़ के शेर
तुम मेरी मसाफ़त के लिए आख़िरी हद हो
अब तुम से परे राहगुज़र कोई नहीं है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere