Mohammad Izhar ul Haq's Photo'

मोहम्मद इज़हारुल हक़

1948 | पाकिस्तान

ग़ज़ल 23

नज़्म 6

शेर 4

घिरा हुआ हूँ जनम-दिन से इस तआक़ुब में

ज़मीन आगे है और आसमाँ मिरे पीछे

अँधेरी शाम थी बादल बरस पाए थे

वो मेरे पास था और मैं खुल के रोया था

कोई ज़ारी सुनी नहीं जाती कोई जुर्म मुआफ़ नहीं होता

इस धरती पर इस छत के तले कोई तेरे ख़िलाफ़ नहीं होता

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