मुहिब हुसैन का परिचय
पहचान: इस्लामी विद्वान, सूफ़ी कवि और दकन में उर्दू पत्रकारिता के अग्रदूतों में से एक
मौलवी मुहिब हुसैन (तख़ल्लुस: मुहिब) का जन्म 1851 में इटावा (उत्तर प्रदेश) में हुआ। वे उर्दू के प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान, सूफ़ी कवि, पत्रकार और समाज-सुधारक थे। बाद में उन्होंने हैदराबाद दकन को अपना स्थायी निवास बनाया, जहाँ उन्होंने पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएँ दीं। उनका नाम हैदराबाद दकन में उर्दू पत्रकारिता के अग्रदूतों में लिया जाता है।
मौलवी मुहिब हुसैन, मौलाना अल्ताफ़ हुसैन हाली और अकबर इलाहाबादी के समकालीन थे। उन्होंने हैदराबाद से "मुअल्लिम-ए-निस्वाँ" नामक प्रभावशाली पत्रिका का प्रकाशन प्रारम्भ किया, जिसके माध्यम से उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक सुधार और आधुनिक विचारों के प्रसार का समर्थन किया। इस पत्रिका ने दकन में महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वे उर्दू और फ़ारसी के साहिब-ए-दीवान कवि थे। उनकी शायरी में सूफ़ी विचारधारा, आध्यात्मिक अनुभूति और नैतिक शिक्षाओं की स्पष्ट छाप मिलती है। अपने पीर-ओ-मुर्शिद हज़रत शाह मुहम्मद सौदागर के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा भी उनके काव्य का प्रमुख गुण है। धार्मिक अध्ययन से गहरे जुड़ाव के कारण उन्होंने क़ुरआन का पद्यात्मक अनुवाद और व्याख्या "मसनवी असरार-ए-क़ुरआन" के नाम से लिखी, जिसे उनकी प्रमुख कृतियों में गिना जाता है। इसके अतिरिक्त उनकी रचनाओं में "मुसद्दस-ए-तौहीद" भी उल्लेखनीय है।
निधन: उनका निधन 5 जुमादा अल-अव्वल 1348 हिजरी (1930 ई.) में हैदराबाद में हुआ।