मुज़दम ख़ान के शेर
हम दो बंदे हैं और सिगरेट एक
अब ख़बर होगी दोस्ती की दोस्त
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
वो जिस के निस्फ़ ने पागल किया है दुनिया को
मैं सोचता हूँ हक़ीक़त में सारा क्या होगा
ये देखने के लिए क्यों न एक दिन मर जाएँ
हमारे साथ उसी दिन दोबारा क्या होगा
जिन्हें पता था सभी कुछ वो लोग भी न रहे
हमें पता ही नहीं कुछ हमारा क्या होगा
-
टैग : बेख़बरी
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड