P P Srivastava Rind's Photo'

पी पी श्रीवास्तव रिंद

1950 | नोएडा, भारत

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Chand ki Qandeel jalte hi ujala ho gaya hai

PP Srivastav Rind is one of the noted poets of the modern times. More than ten poetry collection have been published so far. He can be seen reciting his verses at Rekhta Studio. पी पी श्रीवास्तव रिंद

पी पी श्रीवास्तव रिंद

अंधेरे ढूँडने निकले खंडर क्यूँ

पी पी श्रीवास्तव रिंद

नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है

पी पी श्रीवास्तव रिंद

पेश-ए-मंज़र जो तमाशे थे पस-ए-मंज़र भी थे

पी पी श्रीवास्तव रिंद

बे-तअल्लुक़ रूह का जब जिस्म से रिश्ता हुआ

पी पी श्रीवास्तव रिंद

ममता-भरी निगाह ने रोका तो डर लगा

पी पी श्रीवास्तव रिंद

शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

  • Chand ki Qandeel jalte hi ujala ho gaya hai

    Chand ki Qandeel jalte hi ujala ho gaya hai पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • अंधेरे ढूँडने निकले खंडर क्यूँ

    अंधेरे ढूँडने निकले खंडर क्यूँ पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है

    नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • पेश-ए-मंज़र जो तमाशे थे पस-ए-मंज़र भी थे

    पेश-ए-मंज़र जो तमाशे थे पस-ए-मंज़र भी थे पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • बे-तअल्लुक़ रूह का जब जिस्म से रिश्ता हुआ

    बे-तअल्लुक़ रूह का जब जिस्म से रिश्ता हुआ पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • ममता-भरी निगाह ने रोका तो डर लगा

    ममता-भरी निगाह ने रोका तो डर लगा पी पी श्रीवास्तव रिंद