Safdar Saleem Sial's Photo'

सफ़दर सलीम सियाल

1936 - 1918 | झंग, पाकिस्तान

ग़ज़ल 9

शेर 3

अपनी साँसें मिरी साँसों में मिला के रोना

जब भी रोना मुझे सीने से लगा के रोना

ख़ुद-सर है अगर वो तो मरासिम बढ़ाओ

ख़ुद्दार अगर हो तो अना तंग करेगी

इक ख़्वाब सा देखा था तो मैं काँप उठा था

फिर मैं ने कोई ख़्वाब देखा उसे कहना

 

पुस्तकें 1

Khwab Tabdeel Karein

 

2009

 

"झंग" के और शायर

  • असद रज़ा सहर असद रज़ा सहर
  • Fahmida Mosarrat Ahmad Fahmida Mosarrat Ahmad
  • अली इमरान अली इमरान
  • अली शीरान अली शीरान
  • फ़र्रुख़ ज़ोहरा गिलानी फ़र्रुख़ ज़ोहरा गिलानी
  • राकिब मुख़्तार राकिब मुख़्तार
  • वाइज़ा रफ़ीक़ वाइज़ा रफ़ीक़