ग़ज़ल

ज़िंदगी में यूँ तो हर इक हादिसा नागाह था

अज़रा नक़वी

नज़्म

अगली रुत की नमाज़

अज़रा नक़वी

नए युग का ख़्वाब

अज़रा नक़वी

निशात-उस्सानिया

अज़रा नक़वी

हुसैन! तोमी कोथाए

अज़रा नक़वी

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI