ग़ज़ल 11

शेर 4

पढ़ चुके हैं निसाब-ए-तंहाई

अब लिखेंगे किताब-ए-तंहाई

समझ सका उसे मैं क़ुसूर मेरा है

कि मेरे सामने तो वो खुली किताब रहा

करने को कुछ नहीं है नए साल में 'यशब'

क्यों ना किसी से तर्क-ए-मोहब्बत ही कीजिए

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 1

किताब-ए-तनहाई

 

2011

 

संबंधित शायर

  • आज़र तमन्ना आज़र तमन्ना भाई

"लंदन" के और शायर

  • साक़ी फ़ारुक़ी साक़ी फ़ारुक़ी
  • अकबर हैदराबादी अकबर हैदराबादी
  • अख़्तर ज़ियाई अख़्तर ज़ियाई
  • बख़्श लाइलपूरी बख़्श लाइलपूरी
  • हिलाल फ़रीद हिलाल फ़रीद
  • फ़र्ख़न्दा रिज़वी फ़र्ख़न्दा रिज़वी
  • अब्दुल हफ़ीज़ साहिल क़ादरी अब्दुल हफ़ीज़ साहिल क़ादरी
  • शबाना यूसुफ़ शबाना यूसुफ़
  • ख़ालिद हसन क़ादिरी ख़ालिद हसन क़ादिरी
  • राग़िब देहलवी राग़िब देहलवी