aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
| Author: | Ahmad Mushtaq |
| Language: | URDU |
| Publisher: | Rekhta Publications |
| Binding: | Hardbound (144 pg) |
| Year: | 2015 (1st Edition) |
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अहमद मुश्ताक़ की ग़ज़लों में नाजुकी, बारीकियाँ और जुनून की तीव्रता बहुलता से देखने को मिलती हैं। प्रस्तुत किताब में अहमद मुश्ताक़ की चुनिन्दा रचनाओं का संकलन है| यह किताब उर्दू लिपि में प्रकाशित हुई है और पाठकों के बीच ख़ूब पसंद की गई है|