aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
| Author: | Iftikhar Aarif |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publications |
| Year: | 2026 (1st Edition) |
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"बारहवाँ खिलाड़ी इफ़्तिख़ार आरिफ़ की चुनी हुई ग़ज़लों और नज़्मों का संग्रह है। इसमें उनकी शायरी के अलग-अलग रंग और उनके लंबे रचनात्मक सफ़र की कई झलकियाँ मिलती हैं। इफ़्तिख़ार आरिफ़ की शायरी में हिजरत, याद, इंसानी दुख, इतिहास, तहज़ीब, धार्मिक एहसास और अपने समय के सवाल दिखाई देते हैं। वे उर्दू की पुरानी शायरी की परंपरा से जुड़े हुए हैं, लेकिन अपनी भाषा और अंदाज़ से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी शायरी में आम बोलचाल के शब्द भी नए अर्थों के साथ सामने आते हैं और पुरानी भाषा आज के अनुभवों से जुड़ती दिखाई देती है। बारहवाँ खिलाड़ी उनकी ग़ज़लों और नज़्मों के अहम रंगों को एक साथ पेश करता है और पाठक को उनकी शायरी की दुनिया को करीब से जानने का मौका देता है। "