aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
| Author: | Bashir Badr |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publications |
| Year: | 2026 (1st Edition) |
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दस्तक बशीर बद्र की चुनिंदा शाइरी का एक ऐसा संग्रह है जिसमें उनके कलाम के अलग-अलग रंग एक साथ दिखाई देते हैं। इसमें प्रेम की ख़ुशबू है, बिछड़ने का दर्द है, अकेलेपन की ख़ामोशी है, रिश्तों की नज़ाकत है और ज़िन्दगी के मीठे-कड़वे अनुभवों की सच्ची तस्वीर भी। उनके मशहूर अशआर के साथ-साथ यह चयन उनकी शाइरी की उस संवेदनशील दुनिया से भी रू-ब-रू कराता है, जहाँ मामूली लगने वाले शब्द गहरे अर्थ ग्रहण कर लेते हैं। बशीर बद्र ने ग़ज़ल को सिर्फ़ महफ़िलों तक सीमित नहीं रखा; उन्होंने उसे आम ज़िन्दगी की भाषा और लोगों के दिलों की आवाज़ बना दिया। ‘दस्तक’ उसी लोकप्रियता, संवेदना और शाइराना सादगी का एक ख़ूबसूरत प्रतिनिधि चयन है।