aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
| Author: | Khumar Barabankvi |
| Language: | Hindi |
| Publisher: | Rekhta Publications |
| Year: | 2026 (1st Edition) |
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‘न हारा है इश्क़’ मशहूर शाइर ख़ुमार बाराबंकवी की चुनिंदा ग़ज़लों का संग्रह है। ख़ुमार की शाइरी में इश्क़ केवल एक भाव नहीं, बल्कि जीवन को देखने का एक गहरा और रूहानी ढंग है। ख़ुमार बाराबंकवी की ज़बान सादा और उर्दू की शेरी रिवायत का सुंदर मेल है। उनके अशआर दिल पर सीधे उतरते हैं और देर तक अपनी गूँज बनाए रखते हैं। उनकी ग़ज़लों में दर्द है, मगर वह दर्द निराशा नहीं बनता; उसमें प्रेम की आस्था, जीवन का संगीत और भावनाओं की उजली लौ लगातार जलती रहती है।‘न हारा है इश्क़’ उन पाठकों के लिए एक ख़ास चयन है जो क्लासिकी उर्दू ग़ज़ल की चाशनी को महसूस करना चाहते हैं।