डॉ. निज़ामुद्दीन
पुस्तकें 14
इस्लाह मज़ाक-ओ-तमुद्दुन
हिस्सा अव्वल: यानी उन कमाल दिलचस्प और बगायत सूदमंद मज़ामीन का मजमूआ जो १९४१ की पहली षट्मासी में ब-उन्वान "हमारी तमुद्दनी हालत ज़्यादा क्यों बिगड़ी और कैसे सँवर सकती है?" वतन में शाया हुए थे। और अब अहल-ए-मज़ाक और वतन-दोस्त अहबाब के तक़ाज़ा-ए-शदीद पर इफ़ादा-ए-आम के लिए ब-इज़ाफ़ा-ए-दीबाचा-ओ-तमहीद-ओ-फ़ेहरिस्त-ए-मज़ामीन किताब की सूरत में शाया किए जाते हैं।
1942