Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Nitin Nayab's Photo'

नितिन नायाब

1981 | अलीगढ़, भारत

नितिन नायाब

ग़ज़ल 14

नज़्म 2

 

अशआर 20

ख़्वाब में कोई तो मंज़िल उन्हें दिखती होगी

जाते तो होंगे कहीं नींद में चलने वाले

  • शेयर कीजिए

तुम्हारे हिज्र को वो कम-नसीब क्या समझे

जिसे ख़बर ही नहीं किस क़दर हसीं हो तुम

  • शेयर कीजिए

सर्द हवाओं का क़ब्ज़ा था सागर के उस टापू पर

मैं ने अपना अश्क गिरा कर आग लगाई पानी में

  • शेयर कीजिए

गली के मोड़ पे बेवा है बद-नसीब कोई

सुहागनों के लिए चूड़ियाँ बनाती है

  • शेयर कीजिए

'इश्क़ की चादर लाया हूँ और ख़ास बात ये है इस में

जितने पैर पसारो ये उतनी लम्बी हो जाती है

  • शेयर कीजिए

वीडियो 5

This video is playing from YouTube

अन्य शायरों को पढ़िए

 

Recitation

बोलिए