aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "catharsis"
घटाएँ ख़ुश्क होती जा रही हैंजो दरिया था वो सहरा हो रहा है
जिस के सीने में दर्द ठहरा होउस का रोना बहुत ज़रूरी है
एक मुद्दत से हमारे आईने पे गर्द थीआँसुओं के सैल उस को धो गए अच्छा हुआ
साफ़ करनी थी गंदगी मन कीहाथ मुँह धो रहा है क्या है ये
ख़ूब मिल कर गले से रो लेनाइस से दिल की सफ़ाई होती है
खुला दिमाग़ तो फिर दिल को साफ़ करना पड़ामिरी वफ़ा का उसे ए'तिराफ़ करना पड़ा
मिटाएँ ताकि अपने ज़ुल्म करने की नदामत कोनिकालें ढूँड कर हर तरह से पहलू शिकायत का
पुर्सिश-ए-हाल में एहसास-ए-तकल्लुफ़ कैसाकोई साया पस-ए-दीवार नहीं दीवानो
पहले ख़ामोश निगाहों से सुख़न करता हैऔर फिर जलते चराग़ों को बुझा देता है
उम्र-भर कोई ख़ुशी आई न रासरूठ कर उस दिल से तो अच्छा गया
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