aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "jo"
फ़र्श-ए-रह हैं जो दिल-अफ़गार तिरे कूचे मेंख़ाक हो रौनक़-ए-गुलज़ार तिरे कूचे में
गिला नहीं है जो उस ने मुझे न पहचानालहू-लुहान मिरी ज़िंदगी का चेहरा था
है सादगी तो अज़ल से ही मेरी फ़ितरत मेंवो कौन है जो मिरी सादगी भी छीनेगा
ये सड़कों पर जो दीवाना दिवाना-वार फिरता हैकोई पागल समझता है कोई कामिल समझता है
ये तोड़-फोड़ ज़रूरत है कोई शौक़ नहींनए सिरे से जो ता'मीर चाहते हैं हम
न हो जिस को पसंद अपनी सफ़ाई में भी कुछ कहनावो नीची कर के आँखें उम्र भर चुप-चाप रहता है
'इश्क़ में जान न देने का है अफ़्सोस मगरकाम कुछ हैं जो शहादत से बड़े हैं मेरे
ये जो हंगामा बपा रहता है दिन-रात ‘कमल’मेरे दिल में कोई रहने लगा है वहशी क्या
हो कोई हम-सफ़र ऐसा जो दिल को हम-नफ़स गुज़रेइसी हसरत पे हर लम्हा मुझे क़ुर्बान लगता है
जो ज़बाँ हल्क़ तक न आती थीउस को इक बात दे के आ गया मैं
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