आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",Eznt"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ",eznt"
ग़ज़ल
बशीर बद्र
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ",eznt"
नज़्म
वो सुब्ह कभी तो आएगी
इंसानों की इज़्ज़त जब झूटे सिक्कों में न तौली जाएगी
वो सुब्ह कभी तो आएगी
साहिर लुधियानवी
ग़ज़ल
ख़राब सदियों की बे-ख़्वाबियाँ थीं आँखों में
अब इन बे-अंत ख़लाओं में ख़्वाब क्या देते
मुनीर नियाज़ी
नज़्म
शीशों का मसीहा कोई नहीं
या शायद इन ज़र्रों में कहीं
मोती है तुम्हारी इज़्ज़त का


