आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",Lawk"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ",lawk"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ",lawk"
ग़ज़ल
वही शहर है वही रास्ते वही घर है और वही लॉन भी
मगर इस दरीचे से पूछना वो दरख़्त अनार का क्या हुआ
बशीर बद्र
नज़्म
मुफ़्लिसी
पैसा कहाँ जो जा के वो लावे जहेज़ मोल
जोरू का वो गला कि फूटा हो जैसे ढोल
नज़ीर अकबराबादी
ग़ज़ल
तो क्या ये कह के ख़ुद को मुतमइन कर लोगे जव्वाद
कि वो है भी इसी लाइक़ लिहाज़ा भूल जाऊँ
जव्वाद शैख़
नज़्म
मिरे लिए कौन सोचता है
सभी को अपने बदन की शह-ए-रग में
क़तरा क़तरा लहू का लावा उंडेलना है
मोहसिन नक़वी
ग़ज़ल
हमेशा क्या यूँ ही क़िस्मत में है गिनती गिना देना
कोई नाला न लब पर लाइक़-ए-अंजाम आएगा






