आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",oSLZ"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ",oslz"
नज़्म
जवाब-ए-शिकवा
क़ुदसी-उल-अस्ल है रिफ़अत पे नज़र रखती है
ख़ाक से उठती है गर्दूं पे गुज़र रखती है
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
क़ैद-ए-हयात ओ बंद-ए-ग़म अस्ल में दोनों एक हैं
मौत से पहले आदमी ग़म से नजात पाए क्यूँ
मिर्ज़ा ग़ालिब
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ",oslz"
ग़ज़ल
मोहब्बत अस्ल में 'मख़मूर' वो राज़-ए-हक़ीक़त है
समझ में आ गया है फिर भी समझाया नहीं जाता
मख़मूर देहलवी
ग़ज़ल
बहुत बुरे हो मिरी दिखावे की नींद को भी तुम अस्ल समझे
कहीं से सीखो पियार करना मुझे जगाओ मुझे मनाओ
