आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".luma"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".luma"
नज़्म
रक़ीब से!
तू ने देखी है वो पेशानी वो रुख़्सार वो होंट
ज़िंदगी जिन के तसव्वुर में लुटा दी हम ने
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अन्य परिणाम ".luma"
ग़ज़ल
न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया
जो बचे हैं संग समेट लो तन-ए-दाग़-दाग़ लुटा दिया
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
मुझे हम-सफ़र भी मिला कोई तो शिकस्ता-हाल मिरी तरह
कई मंज़िलों का थका हुआ कहीं रास्तों में लुटा हुआ
इक़बाल अज़ीम
ग़ज़ल
तख़्त क्या चीज़ है और लाल-ओ-जवाहर क्या हैं
इश्क़ वाले तो ख़ुदाई भी लुटा देते हैं
साहिर लुधियानवी
शेर
जब तक माथा चूम के रुख़्सत करने वाली ज़िंदा थी
दरवाज़े के बाहर तक भी मुँह में लुक़्मा होता था
अज़हर फ़राग़
नज़्म
तेरे ख़ुशबू में बसे ख़त
प्यार की आख़िरी पूँजी भी लुटा आया हूँ
अपनी हस्ती को भी लगता है मिटा आया हूँ
राजेन्द्र नाथ रहबर
ग़ज़ल
उन्हीं के दिल से कोई उस की अज़्मतें पूछे
वो एक दिल जिसे सब कुछ लुटा के लूट लिया
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
उल्फ़त का बदला मिल गया वो ग़म लुटा वो दिल गया
चलना है सब से दूर दूर अब कारवाँ कोई न हो

