aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम ".prj"
प्रोफ़ेसर अब्दुल-अली
संपादक
पी. राज मोंगा
लेखक
रफ़ीक़ मशीन प्रेस, हैदराबाद
पर्काशक
शमीम अहमद
मैं उस को पूज तो सकता हूँ छू नहीं सकताजो फ़ासलों की तरह मेरे साथ रहता है
इस तरह पूज रही है दुनियाकोई मुझ से भी बड़ा हो जैसे
फ़र्ज़ बरसों की इबादत का अदा हो जैसेबुत को यूँ पूज रहे हैं कि ख़ुदा हो जैसे
ख़लाई दूर है तकरार का ज़माना हैहर एक क़द्र से इंकार का ज़माना है'शुऊर' आप का प्यार आप को मुबारक होये प्यार का नहीं पी-आर का ज़माना है
अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में विख्यात।
प्रख्यात पूर्व-आधुनिक शायर, जिगर मुरादाबादी के समकालीन।
सबसे प्रमुख पूर्वाधुनिक शायरों में शामिल अत्याधिक लोकप्रियता के लिए विख्यात
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हिमायती
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पूजپُوج
कुछ विशिष्ट जातियों में विवाह, यज्ञोपवीत, आदि शुभ कार्यों से एकाध दिन पहले होनेवाला एक कृत्य जिसमें गणेश-पूजन किया जाता है और बिरादरी के आमंत्रित व्यक्तियों को बताशे, लड्डू आदि दिये जाते हैं
अर्जاَرْج
मूल्य, दाम
Pej Nadi ka Machhera
सादिक़ा नवाब सहर
अफ़साना
Ham Jaziron Mein Rahte Hain
नज़्म
Bachhon Ki Chhoti-Moti Bimariyaan Aur Un Ka Ilaj
औषधि
Islami Adbiyat Pr Iran ka asar
अब्दुल सत्तार फ़ारूक़ी
तुलनात्मक अध्ययन
Bachche Ki Buri Aadatein Aur Un Ki Rok Tham
یہاں غالب اپنا نقشہ کھینچ رہے ہیں یا اپنے زمانے کا یا وقت کے ازلی اور ابدی تماشے کا؟ شاید ان میں سے ہر سوال کا جواب ایک ساتھ اثبات میں دیاجاسکتا ہے۔ جس طرح دنیا بظاہر ایک دوسرے سے بے ربط، متضاد اور مختلف حقیقتوں سے بھری ہوئی ہے،...
मिरे शौहर को समझाओ ये घर में ग़म बनाता हैक़लम की नोक से लफ़्ज़ों के एटम बम बनाता हैनई बहरों में ये मिसरों के पेच-ओ-ख़म बनाता हैये ग़ज़लें अन-गिनत लिखता है बच्चे कम बनाता हैइस इंटरनैशनल शाइ'र में दरिया की रवानी हैदुबई लास-एँजिलिस लंदन तक इस ने ख़ाक छानी हैअजब पी-आर है अक्सर समुंदर पार रहता हैग़ज़ल चाहे अधूरी हो टिकट तय्यार रहता हैहमेशा नाश्ते में फ़िक्र-अंगेज़ी का बैज़ा हैमुझे शौहर की चाहत है इसे शोहरत का हैज़ा हैब-क़ौल उस के शरीक-ए-ज़िंदगी बद-ज़ौक़ है उस कानिज़ामत शौक़ है इस का सदारत तौक़ है इस काख़ुदी का जाम रास आता नहीं हाथों में लोटा हैमिरे शौहर का क़द 'इक़बाल' से थोड़ा ही छोटा हैग़ज़ल कहता है डट के मसनवी बिल-अज़्म कहता हैदिमाग़ इस का उलट जाए तो नसरी नज़्म कहता हैये जब ग़र्क़-ए-सुख़न होगा ख़मोशी फ़र्ज़ कर देगाअगर फिर भी कोई बोले तो मतला अर्ज़ कर देगानए उस्लूब की हर शाएरा से इस का नाता हैमिरी चाहत के लहजे में शुतुर-गुर्बा बताता हैपसंद आती है उर्दू की हर इक चम्पा कली इस कोमगर मुझ में नज़र आता है ईता-ए-जली इस कोमिरे अब्बा ने इस को दाद दी नाज़ुक-ख़याली कीमिरी अम्माँ को कहता है मुसद्दस है ये 'हाली' कीये बच्चों को बुलाता है ब-अंदाज़-ए-सुख़न-दानीकहाँ है मिस्रा-ए-ऊला कहाँ है मिस्रा-ए-सानीग़ुरूर-ए-शौहरी बिल्कुल नहीं बस शेर कहता हैये मेरे सामने भी ज़ोम-ए-उस्तादी में रहता हैमैं कहती हूँ हमारे प्यार का हासिल है ख़तरे मेंये कहता है नहीं उर्दू का मुस्तक़बिल है ख़तरे मेंकभी अंगूर थी अब ख़ुश्क मेवा हो गई हूँ मैंमिरा शौहर है ज़िंदा और बेवा हो गई हूँ मैं
ये मेरे संग होने से पहले की बात हैपत्थर को पूज पूज के भगवान कर दिया
اس کا نتیجہ یہ ہوا کہ آج کم تعداد تعلیم یافتہ اور مہذب جماعت اور جاہل اور علم و تہذیب کی روشنی سے محروم عوام الناس کے درمیان ایک بھیانک خلا پیدا ہو گیا ہے۔ اب ہم کو اس کا شعور کا ہو چلا ہے اور شدت اصرار کے ساتھ...
ہم سب جانتے ہیں کہ اٹھارہویں صدی کی آخری دہائیوں میں اس ادبی استبداد و احتساب کے خلاف پیش رومانیوں (Pre Romantics) نے کیسی کیسی مجاہدانہ کوششیں کیں۔ گرے (Gray) نے Odes یعنی خطابیہ نظمیں لکھیں۔ بلیک (Black) نے اپنی معصوم اور مجذوبانہ نظموں کے پردے میں ہم کو ایک...
'शुऊर' आप का प्यार आप को मुबारक होये प्यार का नहीं पी-आर का ज़माना है
थोड़ी चालाकियाँ जो आ जातींहम फ़रिश्तों से पुज रहे होते
घुँघट उलटो कि तुम्हें पूज के काफ़िर हो जाएदिल-ए-बद-बख़्त जो ईमान से भी शाद नहीं
حسن کے اس پراسرار تصور نے فکر و احساس کی دنیا میں بڑی بڑی نزاکتیں پیدا کیں اور اس کی بدولت شاعری اور دوسرے فنون لطیفہ کے ایسے ناقابل فراموش کارنامے وجودمیں آئے جن کی تواریخی قدر ہمیشہ مسلم رہےگی۔ اسی سلسلے میں حسن صورت اور حسن معنی، حسن خیال...
आप ने छुप छुप कर इस दिल में अपनी इक तस्वीर गढ़ीपूज के उस को हम हुए काफ़िर कुफ़्र का फ़तवा आप हुए
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