aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "aadatan"
इदारा-ए-अदबियात-ए-उर्दू, हैदराबाद
संपादक
इदारा-ए-फ़रोग़-ए-उर्दू, लाहौर
पर्काशक
मजलिस-ए-इदरात रिसाला साइंस
इदारा-ए-तहक़ीक-ए-मख़तूतात-ए-मशरिक़ी, आन्ध्र प्रदेश
इदारा-ए-तस्नीफ़-ओ-तालीफ़-ओ-तर्जुमा, कराची
लेखक
इदारा-ए-सक़ाफ़त-ए-इस्लामिया, लाहौर
नसीमा तुराब अल-हसन
शायर
इदारा-ए-मआशियात, हैदराबाद
इदारा-ए-अदबियात-ए-अत्फ़ाल, हैदराबाद
इदारा-ए-अदब जदीद, हैदराबाद
इदारा-ए-शब रंग, अल्लाहबाद
इदारा-ए-गुलबन हसन गॉर्डन, लखनऊ
इदारा-ए-मतबूआत हमदर्द, दिल्ली
इदारा-ए-जासूसी, दिल्ली
इदारा-ए-इल्म-ओ-फ़न पाकिस्तान, पेशावर
आदतन तुम ने कर दिए वादेआदतन हम ने ए'तिबार किया
आदतन तुम ने कर दिए वा'देआदतन हम ने ए'तिबार किया
लौटना कब है तू ने पर तुझ कोआदतन ही पुकारते रहेंगे
गुज़रे हैं मय-कदे से जो तौबा के ब'अद हमकुछ दूर आदतन भी क़दम डगमगाए हैं
तुम्हारी उँगलियाँ तो आदतन ये जुर्म करती थींचलो छोड़ो
'आदतनعادَۃً
'आदतनعادَتاً
स्वाभाविक रूप से, नियम के अनुसार, आदत के अनुसार
बड़याँبَڑَیاں
بڑا (رک) کی جمع
आसानآسان
सहल, जो कठिन न हो, जो मुश्किल न हो, जो संभावना में हो, दुशवार का विलोम
फ़न्न-ए-इदारत
मिसकीन हिजाज़ी
उर्दू सहाफ़त तर्जुमा-ओ-इदारत
सय्यद ज़िआउल्लाह
पत्रकारिता
Nafs-e-Rasool (Nida-e-Adalat Insani)
सामाजिक मुद्दे
Ihata-e-Darul Uloom Mein Beete Huye Din
सय्यद मनाज़िर अहसन गीलानी
संस्मरण
Islami Adalat
मुजाहिदुल इस्लाम क़ास्मी
संविधान / आईन
Khabar Nawesi Aur Ibtidai Idarat
इमदाद अहमद मियाँ
Tarieekh Marsiya : Ibtadai Daur
सय्यद मसूद हसन रिज़वी अदीब
शायरी तन्क़ीद
शेर-ओ-शायरी
अल्ताफ़ हुसैन हाली
आलोचना
Baghdad Ka Tajir Aur Bachon Ki Adalat
मोहम्मद अहमद ग़ज़न्फ़र
कहानी
Ghalib Ek Shair, Ek Adakar
अनीस नागी
जीवनी
फ़ेसबुक के अब्बाजान
सालिम शुजा अन्सारी
हास्य-व्यंग
Sarguzisht-e-Idara-e-Adabiyat-e-Urdu
ख़्वाजा हमीदुद्दीन शाहिद
इतिहास
Bachchon Ki Adalat
मिर्ज़ा अदीब
ड्रामा
Tareekh-e-Ibn-e-Khallikan
इब्ने- ख़ल्लिकान
इस्लामिक इतिहास
Rudad Idara-e-Ma'arif Islamia
मजलिस-ए-आमिला इदारा-ए-मआरिफ़ इसलामिया, लाहौर
आ लगा है किनारे सफ़ीना मगरशोर तो आदतन ही मचाते हैं हम
गुज़रे हैं मय-कदे से जो तौबा के बा'द हमकुछ दूर आदतन भी क़दम लड़खड़ाए हैं
मुहीब चुप में आहटों का वाहिमा हवामैं सर से पाँव तक तमाम कान बन गया
उदास बस आदतन हूँ कुछ भी हुआ नहीं हैयक़ीन मानो किसी से कोई गिला नहीं है
आदतन आँख छलक उट्ठी है हँसते हँसतेतू मिरे दोस्त बिला-वज्ह परेशान हुआ
आदतन ही उदास रहता हूँवर्ना किस बात का गिला है मुझे
दिल में कोई ख़ुशी नहीं लेकिनआदतन मुस्कुरा रहा हूँ मैं
आदतन मैं किसी एहसास के पीछे लपकादफ़अ'तन एक ग़ज़ल दश्त-ए-सुख़न से निकली
मुझे किस से भलाई की अब कोई तवक़्क़ो' नहीं है 'ताबिश'मैं आदतन सब से कह रहा हूँ मुझे दुआओं में याद रखना
एक ही मौसम वही मंज़र खटकने लगता हैसच ये है हम आदतन बदलाओ के शौक़ीन हैं
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