आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bhaa.npaa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "bhaa.npaa"
ग़ज़ल
मौसमों के तग़य्युर को भाँपा नहीं छतरियाँ खोल दीं
ज़ख़्म भरने से पहले किसी ने मिरी पट्टियाँ खोल दीं
तहज़ीब हाफ़ी
शेर
बरसों ब'अद हमें देखा तो पहरों उस ने बात न की
कुछ तो गर्द-ए-सफ़र से भाँपा कुछ आँखों से जान लिया
ऐतबार साजिद
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "bhaa.npaa"
विषय
बहाना
बहाना शायरी
समस्त






