आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "buzdil"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "buzdil"
ग़ज़ल
मोहब्बत आसमाँ को जब ज़मीं करने की ज़िद ठहरी
तो फिर बुज़दिल उसूलों की शराफ़त दरमियाँ क्यूँ हो
वसीम बरेलवी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "buzdil"
उद्धरण
इरादे की नाकामी इन्सान को बुज़्दिल बना देती है और बुज़्दिल ही दुनिया से ख़ौफ़ खाता है।...
हाजरा मसरूर
शेर
किसी बुज़दिल की सूरत घर से ये बाहर निकलता है
मिरा ग़ुस्सा किसी कमज़ोर के ऊपर निकलता है
अज़हर नवाज़
ग़ज़ल
कितने सर हैं कि जो गर्दन-ज़दनी हैं अब भी
हम कि बुज़दिल हैं मगर हाथ में शमशीरें हैं
अमीर क़ज़लबाश
ग़ज़ल
सूखे पेड़ों को आँधी का कोई ख़ौफ़ नहीं होता है
पेड़ लदा हो पत्तों से तो थोड़ा बुज़दिल हो जाता है
संदीप ठाकुर
ग़ज़ल
किस किस को बताऊँ कि मैं बुज़दिल नहीं 'राग़िब'
इस दौर में मफ़्हूम-ए-शराफ़त ही अलग है







