आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "copiyo.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "copiyo.n"
नज़्म
इम्तिहान
आज-कल भूले हुए हैं सब इलेक्शन और डिबेट
प्रैक्टीकल की कापियों के आज-कल भरते हैं पेट
सय्यद मोहम्मद जाफ़री
ग़ज़ल
अनंत गुप्ता
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "copiyo.n"
नज़्म
रिश्ते की ज़ंजीर
मैं ने देखा जो कल कापियों पर तिरी
नाम लिख लिख के अपना मिटाया हुआ
एजाज़ अली अरशद
नज़्म
जवाब-ए-शिकवा
हो न ये फूल तो बुलबुल का तरन्नुम भी न हो
चमन-ए-दह्र में कलियों का तबस्सुम भी न हो
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
एक आरज़ू
लज़्ज़त सरोद की हो चिड़ियों के चहचहों में
चश्मे की शोरिशों में बाजा सा बज रहा हो
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
ये निस्बत के बहुत से क़ाफ़िए हैं है गिला इस का
मगर तुझ को तो यारा! क़ाफ़ियों की बे-तरह लत है
जौन एलिया
ग़ज़ल
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
अंदेशा
चूड़ियों पर भी कई तंज़ किए जाएँगे
काँपते हाथों पे भी फ़िक़रे कसे जाएँगे
कफ़ील आज़र अमरोहवी
नज़्म
परिंदे की फ़रियाद
लगती है चोट दिल पर आता है याद जिस दम
शबनम के आँसुओं पर कलियों का मुस्कुराना
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
बहुत ख़ूब-सूरत हो तुम
जो काँटे हूँ सब अपने दामन में रख लूँ
सजाऊँ मैं कलियों से राहें तुम्हारी