आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "diidaar-e-sanam"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "diidaar-e-sanam"
नज़्म
नज़्म बने
आख़िरी हिचकी में दीदार-ए-सनम हो तो कहीं नज़्म बने
उजड़े आँगन के अहाते में तेरी आमद हो
उमैननुज़ ज़हरा सय्यद
अन्य परिणाम "diidaar-e-sanam"
ग़ज़ल
जब जलते पतंगों को देखा 'दीदार' तो ये मालूम हुआ
आग़ाज़-ए-मोहब्बत ठीक तो है अंजाम-ए-मोहब्बत ठीक नहीं
दीदार बस्तवी
नज़्म
अहल-ए-जुनूँ
वो लहू अपने ही माथे से बहा है जिस से
आज दीवार-ए-ख़िरद की है लहू-रंग जबीं
नूर-ए-शमा नूर
ग़ज़ल
बुझती नहीं है तिश्नगी दीदार-ए-यार की
नज़रों से उन के लाख पिलाने के बअ'द भी
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
ग़ज़ल
बात करने से भी नफ़रत हो गई दिलदार को
वाह-रे इज़हार-ए-उल्फ़त वाह-रे तासीर-ए-इश्क़