आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "golo.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "golo.n"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "golo.n"
ग़ज़ल
उस की सुख़न-तराज़ियाँ मेरे लिए भी ढाल थीं
उस की हँसी में छुप गया अपने ग़मों का हाल भी
परवीन शाकिर
नज़्म
सुब्ह-ए-आज़ादी (अगस्त-47)
चले जो यार तो दामन पे कितने हाथ पड़े
दयार-ए-हुस्न की बे-सब्र ख़्वाब-गाहों से
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
हम जो तारीक राहों में मारे गए
किस को शिकवा है गर शौक़ के सिलसिले
हिज्र की क़त्ल-गाहों से सब जा मिले
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
वो हँसती हो तो शायद तुम न रह पाते हो हालों में
गढ़ा नन्हा सा पड़ जाता हो शायद उस के गालों में

