आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "gulgule"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "gulgule"
ग़ज़ल
गुलगुले शोख़ के मुँह लग गए मुल्ला के ज़रूर
होंट क्यों चाटता फिरता है ख़ुदा रात के बाद
मास्टर बासित बिस्वानी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "gulgule"
अन्य परिणाम "gulgule"
ग़ज़ल
मेरी नवा-ए-शौक़ से शोर हरीम-ए-ज़ात में
ग़ुल्ग़ुला-हा-ए-अल-अमाँ बुत-कदा-ए-सिफ़ात में
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
नई तहज़ीब तकल्लुफ़ के सिवा कुछ भी नहीं
चेहरा रौशन हो तो क्या हाजत-ए-गुलगूना फ़रोश
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
होली
रुख़्सार गुलालों से गुल-गूँ, कपड़ों से रंग टपकते हैं
कुछ राग और रंग झमकते हैं कुछ मय के जाम छलकते हैं
नज़ीर अकबराबादी
ग़ज़ल
बहार-ए-आरिज़-ए-गुल्गूँ तुझे ख़ुदा की क़सम
वो सुब्ह मेरे लिए भी कि जिस की शाम न हो
जमील मुरस्सापुरी
नज़्म
गोरिस्तान-ए-शाही
ख़्वाब-गह शाहों की है ये मंज़िल-ए-हसरत-फ़ज़ा
दीदा-ए-इबरत ख़िराज-ए-अश्क-ए-गुल-गूँ कर अदा
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
है बहार-ए-तेज़-रौ गुलगून-ए-निकहत पर सवार
यक शिकस्त-ए-रंग-ए-गुल सद-जुम्बिश-ए-महमेज़ है
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
किस की आँखों में ये ग़लताँ है जवानी की शराब
खोल दी आह ये किस ने मय-ए-गुल-गूँ की सबील
असरार-उल-हक़ मजाज़
ग़ज़ल
बादा-ए-गुल-गूँ के शीशे का हूँ साइल साक़िया
साथ कैफ़िय्यत के उड़ता मुझ को घोड़ा चाहिए
हैदर अली आतिश
नज़्म
सफ़र नामा
मेरे हाथों में है सुब्हों की एनान-ए-गुलगूँ
मेरी आग़ोश में पलती है ख़ुदाई सारी
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
हास्य
हमें साइट-नवर्दी को तो गूगल जाम-ए-जम ठहरा
जहाँ-बीनी को अब क्यूँकर ये कमरे से क़दम निकले
शाहिद जमील
ग़ज़ल
बढ़ गया बादा-ए-गुल-गूँ का मज़ा आख़िर-ए-शब
और भी सुर्ख़ है रुख़्सार-ए-हया आख़िर-ए-शब
मख़दूम मुहिउद्दीन
नज़्म
मज़दूर औरतें
तू और रंग-ए-ग़ाज़ा-ओ-गुलगूना-ओ-शहाब
सोचा भी किस के ख़ून की बनती हैं सुर्ख़ियाँ
