आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "istignaa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "istignaa"
ग़ज़ल
काम हुए हैं सारे ज़ाएअ' हर साअ'त की समाजत से
इस्तिग़्ना की चौगुनी उन ने जूँ जूँ मैं इबराम किया
मीर तक़ी मीर
नज़्म
एक नौ-जवान के नाम
इमारत किया शिकवा-ए-ख़ुसरवी भी हो तो क्या हासिल
न ज़ोर-ए-हैदरी तुझ में न इस्तिग़ना-ए-सलमानी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तस्वीर-ए-दर्द
ये इस्तिग़्ना है पानी में निगूँ रखता है साग़र को
तुझे भी चाहिए मिस्ल-ए-हबाब-ए-आबजू रहना
अल्लामा इक़बाल
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
istiGnaam
इस्तिग़्नाम اِسْتِغْنام
युद्ध में शत्रु के देश से लूटा हुआ माल लेना
shaan-e-istiGnaa
शान-ए-इस्ति़ग़ना شانِ اِسْتِغْنا
संतोषी की महिमा
अन्य परिणाम "istignaa"
कुल्लियात
काम हुए हैं सारे ज़ाएअ' हर साअ'त की समाजत से
इस्तिग़्ना की चौगुनी उन ने जूँ जूँ मैं इबराम किया
मीर तक़ी मीर
ग़ज़ल
पूछ मत रुस्वाई-ए-अंदाज़-ए-इस्तिग़ना-ए-हुस्न
दस्त मरहून-ए-हिना रुख़्सार रहन-ए-ग़ाज़ा था
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
गदाई में भी मुझ पर शान-ए-इस्तिग़ना बरसती है
मिरे सर से हवा-ए-ताज-ए-सुल्तानी नहीं जाती
मख़मूर देहलवी
ग़ज़ल
तुम्ही हो जिस से मिली मुझ को शान-ए-इस्तिग़ना
कि मेरा ग़म भी तुम्ही ग़म के राज़-दाँ भी तुम्ही
अहमद नदीम क़ासमी
नज़्म
गौतम-बुद्ध
बर्फ़-ज़ारों को तिरे अन्फ़ास ने गरमा दिया
तेरे इस्तिग़्ना ने तख़्त-ए-सल्तनत ठुकरा दिया
सीमाब अकबराबादी
ग़ज़ल
इज्तिबा रिज़वी
ग़ज़ल
ग़ुरूर-ए-हुस्न तेरी बे-नियाज़ी शान-ए-इस्तिग़ना
जभी तक है कि जब तक इश्क़ बे-पायाँ नहीं होता
आनंद नारायण मुल्ला
नज़्म
'मीर'
जोश-ए-इस्तिग़्ना तिरा तेरे लिए वजह-ए-नशात
शान-ए-ख़ुद्दारी तिरी आईना-दार-ए-एहतियात
मिर्ज़ा मोहम्मद हादी अज़ीज़ लखनवी
ग़ज़ल
क़नाअत की भी दौलत हो तो इस्तिग़्ना नहीं लाज़िम
जिसे तू नफ़अ' समझा है यही नुक़सान कर देगा
शाद अज़ीमाबादी
ग़ज़ल
हालत इस्तिग़्ना की जिस के हाथ आई है यहाँ
उस के नज़दीक अंदक ओ बिसयार दोनों एक हैं
