आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jaa.n-fishaa.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "jaa.n-fishaa.n"
ग़ज़ल
मिरे दिल ने बढ़ के रोका तिरे तीर-ए-जाँ-फ़िशाँ को
जो ये बीच में न पड़ता तो जिगर के पार होता
साक़िब लखनवी
ग़ज़ल
माह-ए-नौ बस एक तू ही तो नहीं तेरे सिवा
क़र्या-ए-शब में चराग़-ए-जाँ-फ़िशाँ मेरा भी है
ख़ालिद जमाल
ग़ज़ल
किया है शौक़ ने परवाना शम्अ'-ए-ऐमन का
तलब में उस की हूँ शब-गर्द जाँ-फ़िशाँ तन्हा
मिर्ज़ा मोहम्मद अली फ़िदवी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
jaan-fishaa.n
जान-फ़िशाँ جان فِشاں
जान छिड़कने वाला; जान देने वाला, मेहनती जाँ निसार; व्याकुल, बेचैन
jaa.n-fishaanii
जाँ-फ़िशानी جاں فِشانی
अत्यधिक परिश्रम, कड़ी मेहनत, जान तोड़ कोशिश, प्रयत्न, पूर्ण प्रयल
jaan-fishaanii
जान-फ़िशानी جان فِشانی
जान देना
अन्य परिणाम "jaa.n-fishaa.n"
ग़ज़ल
नौजवानी ला-मकानी जाँ-फ़िशानी और तुम
देर से आए मेरे लफ़्ज़ों में मा'नी और तुम
मुकेश शर्मा मनमौजी
ग़ज़ल
तुम पसीना मत कहो है जाँ-फ़िशानी का लिबास
धूप में चलते हुए रखते हैं पानी का लिबास
रम्ज़ अज़ीमाबादी
ग़ज़ल
मैं शिकवा-संज नहीं अपनी तीरा-बख़्ती का
मगर बताओ तो ये सुब्ह-ए-ज़र-फ़िशाँ क्या है
अख़्तर सईद ख़ान
नज़्म
इंसान
ज़र्रा-ए-तारीक मेहर-ए-ज़ौ-फ़िशाँ होने को है
क़तरा-ए-नाचीज़ बहर-ए-बेकराँ होने को है
फ़ज़लुर्रहमान
ग़ज़ल
न हम अपने न वो अपने न दिल अपना न राज़ अपना
मन-ओ-तू के जहाँ में है यही बस इम्तियाज़ अपना
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
ग़ज़ल
उभर रही है किरन सुब्ह-ए-ज़ू-फ़िशाँ के लिए
सँवर रही है फ़ज़ा हुस्न-ए-गुलसिताँ के लिए