आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "mashGuul"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "mashGuul"
अन्य परिणाम "mashGuul"
ग़ज़ल
जमाल एहसानी
ग़ज़ल
मैं पत्थर ले कर बैठा हूँ और इस बस्ती के दाना अब
क्यूँ कार-ए-शीशा-गरी कर के मुझ को मशग़ूल नहीं करते
असअ'द बदायुनी
नज़्म
हश्र की सुब्ह दरख़्शाँ हो मक़ाम-ए-महमूद
जान दी जावेदाँ लम्हात तिलावत मशग़ूल
ख़ून के धब्बे हैं क़ुरआन पे ताबिंदा नज़र
आदिल मंसूरी
नज़्म
छोटे काम का बड़ा नतीजा
खेलना कूदना खाना यही मामूल था बस
इन्हीं तिफ़्लाना तमन्नाओं में मशग़ूल था बस
इस्माइल मेरठी
ग़ज़ल
ख़ुदा के ज़िक्र में मशग़ूल हैं जो मस्त पहाड़
समझ गए हैं यक़ीनन अदा-ए-वक़्त पहाड़
फ़ैसल नदीम फ़ैसल
ग़ज़ल
ग़ैरों से वो ख़ल्वत में है मशग़ूल-ए-ज़राफ़त
हम रश्क के मारे पस-ए-दीवार खड़े हैं

