आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "nazm e"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "nazm e"
ग़ज़ल
दे रही है उस की ख़ामोशी सदा-ए-दूर-बाश
ये नहीं कहता कि 'नज़्म'-ए-मुब्तला अच्छी तरह
नज़्म तबातबाई
ग़ज़ल
अबस है नाज़-ए-इस्तिग़्ना पे कल की क्या ख़बर क्या हो
ख़ुदा मालूम ये सामान क्या हो जाए सर क्या हो
नज़्म तबातबाई
ग़ज़ल
कहा मैं ने कि 'नज़्म'-ए-मुब्तला मरता है हसरत में
कहा उस ने अगर मर जाए तो मेरा ज़रर क्या हो
नज़्म तबातबाई
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "nazm e"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "nazm e"
ग़ज़ल
ग़ुबार-ए-राह से ऐ 'नज़्म' ये आवाज़ आती है
गई ऐ उम्र-ए-रफ़्ता तू किधर फेंका कहाँ मुझ को
नज़्म तबातबाई
ग़ज़ल
असर उस के इश्वा-ए-नाज़ का जो हुआ वो किस से बयाँ करूँ
मुझे तो अजल की है आरज़ू उसे वहम है कि ये मर गया
नज़्म तबातबाई
ग़ज़ल
नज़्म-ए-मय-खाना पे आ जाए न इल्ज़ाम कहीं
आज साक़ी है कहीं रिंद कहीं जाम कहीं



