आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ra.ng-e-daur-e-qamar"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "ra.ng-e-daur-e-qamar"
ग़ज़ल
फ़िराक़ गोरखपुरी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "ra.ng-e-daur-e-qamar"
अन्य परिणाम "ra.ng-e-daur-e-qamar"
कुल्लियात
सर-ए-दौर-ए-फ़लक भी देखूँ अपने रू-ब-रू टूटा
कि संग-ए-मोहतसिब से पा-ए-ख़ुम दस्त-ए-सुबू टूटा
मीर तक़ी मीर
ग़ज़ल
मख़मूर सईदी
ग़ज़ल
क्या वज्ह तेरे ज़ुल्म-ओ-सितम में मज़ा नहीं
ऐ दौर-ए-चर्ख़ आज वो शायद नहीं शरीक


