आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sar-e-bazm"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sar-e-bazm"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
समस्त
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "sar-e-bazm"
अन्य परिणाम "sar-e-bazm"
ग़ज़ल
बे-इख़्तियार हम जो सर-ए-बज़्म रो दिए
कितने सुनहरे ख़्वाब इन आँखों ने खो दिए
महेंद्र प्रताप चाँद
ग़ज़ल
उस की आँखों ने सर-ए-बज़्म ठहरने न दिया
सब्र मज़लूम को ज़ालिम की नज़र ने न दिया
सय्यद ग़ुलाम मोहम्मद मस्त कलकत्तवी
ग़ज़ल
और कोई बात सर-ए-बज़्म-ए-सुख़न कब निकली
बस तिरी बात ही निकली है यहाँ जब निकली
