आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zarf-e-aab"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "zarf-e-aab"
ग़ज़ल
मुरत्तब हो रहा है इस तरह अफ़्साना-ए-हस्ती
भरा जाता है जैसे जर्फ़-ए-आब आहिस्ता आहिस्ता
निहाल रिज़वी लखनऊवी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "zarf-e-aab"
ग़ज़ल
इस क़दर मज़बूत मौसम पर रही किस की गिरफ़्त
मैं कि मुझ से सीना-ए-आब-ओ-हवा रौशन हुआ
फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी
ग़ज़ल
देखा गया न मुझ से मआनी का क़त्ल-ए-आम
चुप-चाप मैं ही लफ़्ज़ों के लश्कर से कट गया
फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी
ग़ज़ल
आज भी हैं वो सुलगे सुलगे तेरे लब ओ आरिज़ की तरह
जिन ज़ख़्मों पर पंखा झलते एक ज़माना बीत गया
फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी
ग़ज़ल
कुछ तो कर दरिया मिरे इन को डुबो या पार कर
कश्तियों ने अपना दुख आब-ए-रवाँ पर लिख दिया