आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "KHanjar-e-qaatil"
शेर के संबंधित परिणाम "KHanjar-e-qaatil"
शेर
हुस्न काफ़िर था अदा क़ातिल थी बातें सेहर थीं
और तो सब कुछ था लेकिन रस्म-ए-दिलदारी न थी
आल-ए-अहमद सुरूर
शेर
जबीं पर सादगी नीची निगाहें बात में नरमी
मुख़ातिब कौन कर सकता है तुम को लफ़्ज़-ए-क़ातिल से
हसरत मोहानी
शेर
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है
बिस्मिल अज़ीमाबादी
शेर
ये बात सच है कि मरना सभी को है लेकिन
अलग ही होती है लज़्ज़त निगाह-ए-क़ातिल की
अज़ीज़ुर्रहमान शहीद फ़तेहपुरी
शेर
अक़्ल कहती है न जा कूचा-ए-क़ातिल की तरफ़
सरफ़रोशी की हवस कहती है चल क्या होगा
अब्दुल मन्नान बेदिल अज़ीमाबादी
शेर
ख़ुदा जाने दुआ थी या शिकायत लब पे बिस्मिल के
नज़र सू-ए-फ़लक थी हाथ में दामान-ए-क़ातिल था