aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "muttal.a"
देखना हर सुब्ह तुझ रुख़्सार काहै मुताला मतला-ए-अनवार का
वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगामसअला फूल का है फूल किधर जाएगा
मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा देये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिजा नहीं है
उसे क्यूँ हम ने दिया दिल जो है बे-मेहरी में कामिल जिसे आदत है जफ़ा कीजिसे चिढ़ मेहर-ओ-वफ़ा की जिसे आता नहीं आना ग़म-ओ-हसरत का मिटाना जो सितम में है यगाना
जंग तो ख़ुद ही एक मसअला हैजंग क्या मसअलों का हल देगी
इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ हैयानी अपना ही मुब्तला है इश्क़
तुझ को पाने में मसअला ये हैतुझ को खोने के वसवसे रहेंगे
फ़स्ल-ए-बहार आई पियो सूफ़ियो शराबबस हो चुकी नमाज़ मुसल्ला उठाइए
इलाही एक ग़म-ए-रोज़गार क्या कम थाकि इश्क़ भेज दिया जान-ए-मुब्तला के लिए
मसअला जब भी चराग़ों का उठाफ़ैसला सिर्फ़ हवा करती है
हिम्मत है तो बुलंद कर आवाज़ का अलमचुप बैठने से हल नहीं होने का मसअला
मुझे मनाओ नहीं मेरा मसअला समझोख़फ़ा नहीं मैं परेशान हूँ ज़माने से
दिल का दुख जाना तो दिल का मसअला है पर हमेंउस का हँस देना हमारे हाल पर अच्छा लगा
गवाही कैसे टूटती मुआमला ख़ुदा का थामिरा और उस का राब्ता तो हाथ और दुआ का था
मुझ में हैं गहरी उदासी के जरासीम इस क़दरमैं तुझे भी इस मरज़ में मुब्तला कर जाऊँगा
कहते हैं मेरे दोस्त मिरा हाल देख करदुश्मन को भी ख़ुदा न करे मुब्तला-ए-इश्क़
आहों से सोज़-ए-इश्क़ मिटाया न जाएगाफूँकों से ये चराग़ बुझाया न जाएगा
ज़िंदगी भर ये आसमाँ तुझ कोकिसी आफ़त में मुब्तला न करे
मेरी इक छोटी सी कोशिश तुझ को पाने के लिएबन गई है मसअला सारे ज़माने के लिए
लग रहा है ये नर्म लहजे सेफिर तुझे कोई मसअला हुआ है
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
Online Treasure of Sufi and Sant Poetry
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books