आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bartan"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "bartan"
ग़ज़ल
बर्तन बर्तन चीख़ रही थी कौन समझता उस की बात
दिल का बर्तन ख़ाली था उस बर्तन बेचने वाली का
मुमताज़ गुरमानी
ग़ज़ल
'अता' बे-सब्र लोगों के कभी बर्तन नहीं भरते
गुज़ारा करने वालों का गुज़ारा होने लगता है
अहमद अताउल्लाह
ग़ज़ल
काँच के बर्तन में जैसे सुर्ख़ काग़ज़ का गुलाब
वो मुझे इतना ही अच्छा और तर-ओ-ताज़ा लगा