आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "basaataa"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "basaataa"
ग़ज़ल
सारे-जहाँ को दिल से भुलाता रहा हूँ मैं
बस याद तेरी दिल में बसाता रहा हूँ मैं
अर्पित शर्मा अर्पित
ग़ज़ल
बात अपने दिल की वो मुझ को बताता क्यों नहीं
प्यार गर करता है मुझ से तो जताता क्यों नहीं
अनंत शहरग
ग़ज़ल
कमी कुछ मरने वालों की नहीं ओ क़ातिल-ए-आलम
बसाता जा यूँही आबादी-ए-गोर-ए-ग़रीबाँ को
सफ़दर मिर्ज़ापुरी
ग़ज़ल
हुस्न की गोद में 'इश्क़ भी सो गया बंदगी से परे
हम तकल्लुफ़ की दुनिया बसाते रहे सादगी से परे