आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bint-e-am"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "bint-e-am"
ग़ज़ल
देखा गया न मुझ से मआनी का क़त्ल-ए-आम
चुप-चाप मैं ही लफ़्ज़ों के लश्कर से कट गया
फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी
ग़ज़ल
ऐ दिल वालो घर से निकलो देता दावत-ए-आम है चाँद
शहरों शहरों क़रियों क़रियों वहशत का पैग़ाम है चाँद
इब्न-ए-इंशा
ग़ज़ल
जब भी आज़ादी मिलेगी गर्दिश-ए-अय्याम से
मैं भी 'महवर' 'आशिक़-ए-बिन्त-ए-फुलाँ हो जाऊँगा
महवर सिरसिवी
ग़ज़ल
सदा-ए-आह है मिज़राब-ए-ग़म की छेड़ से पैदा
दिल-ए-नालाँ नया पर्दा है क़ानून-ए-मोहब्बत का