आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "muddate.n"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "muddate.n"
ग़ज़ल
चोरी चोरी हम से तुम आ कर मिले थे जिस जगह
मुद्दतें गुज़रीं पर अब तक वो ठिकाना याद है
हसरत मोहानी
ग़ज़ल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
जहाँ तन्हा हुए दिल में भँवर से पड़ने लगते हैं
अगरचे मुद्दतें गुज़रीं किनारे से लगे हम को
अहमद मुश्ताक़
ग़ज़ल
गुल खिले सद रंग तो क्या बे-परी से ए नसीम
मुद्दतें गुज़रीं कि वो गुलज़ार का जाना गया
मीर तक़ी मीर
ग़ज़ल
तर्क-ए-मय को मुद्दतें गुज़री हैं लेकिन मोहतसिब
साक़ी-ए-महवश अगर आतिश-ब-जाम आ ही गया
शकील बदायूनी
ग़ज़ल
हुई थी इक ख़ता सरज़द सो उस को मुद्दतें गुज़रीं
मगर अब तक मिरे दिल से पशेमानी नहीं जाती