आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "status"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "status"
ग़ज़ल
ऐ शैख़ न पूछो तुम सत्तू भरे हाथ अपने
ख़ालिक़ से डरो हज़रत मस्जिद की चटाई है
इनायत अली ख़ान इनायत
ग़ज़ल
'नक़ीब' अशआ'र अपने ज़िंदगानी के सफ़र में
कोई ज़ाद-ए-सफ़र में जैसे सत्तू बाँधता है
फ़सीहुल्ला नक़ीब
ग़ज़ल
है ख़िर्क़ा-ए-सालूस ये ज़ाहिद ज़रा बचना
ख़ल्वत की क़बा और है जल्वत की क़बा और