आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "tulaa"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "tulaa"
ग़ज़ल
बख़्शने वाला जब मिरा अफ़्व पे है तुला हुआ
मुझ सा गुनाहगार फिर जुर्म से बाज़ आए क्यों
अमजद हैदराबादी
ग़ज़ल
ज़माना इस पे तुला है ख़िरद की बात रहे
हमें ये ज़िद है कि ऊँचा जुनूँ का नाम करें
मुग़ीसुद्दीन फ़रीदी
ग़ज़ल
उसी को ज़ख़्म देने पर तुला था सर-फिरा सूरज
मिरी तख़्ईल की बुनियाद जिस शहपर पे रक्खी थी