aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "ulTaa"
उठा के हाथों से तुम ने छोड़ा चलो न दानिस्ता तुम ने तोड़ाअब उल्टा हम से तो ये न पूछो कि शीशा ये पाश पाश क्यूँ है
रातों में इक सूरज भी दिख जाएगाहर मंज़र को उल्टा कर के देखा जाए
दिल ले के कहते हैं तिरी ख़ातिर से ले लियाउल्टा मुझी पे रखते हैं एहसान लीजिए
'बेदिल' लिबास-ए-ज़ीस्त बड़ा दीदा-ज़ेब थाऔर हम ने इस लिबास को उल्टा पहन लिया
हो किसी तरहा से मख़्सूस हमारे ही लिएयानी जितना नज़र आता है वो उतना ही न हो
समुंदर उल्टा-सीधा बोलता हैसलीक़े से तो प्यासा बोलता है
शेल्फ़ पे उल्टा कर के रख दो और बिसरा दोगुल-दानों में फूल सजाओ ख़्वाब का क्या है
यूँ भी सजती है बदन पर ये मोहब्बत क्या क्याकभी पहनूँ इसी मल्बूस को उल्टा कर के
जो करते थे उल्टा-सीधा करते थेहम पत्थर पे दरिया फेंका करते थे
नक़ाब उल्टा है शम्ओं' ने सितारो तुम तो सो जाओकरेंगे रक़्स परवाने सितारो तुम तो सो जाओ
मैं ने तो एक लाश की दी थी ख़बर 'फ़राज़'उल्टा मुझी पे क़त्ल का इल्ज़ाम आ गया
अपनी बात मुकम्मल कर के जाओ तुमआधी बात का उल्टा मतलब होता है
वाँ कुंगुर-ए-इस्तिग़्ना हर-दम है बुलंदी परयाँ नाले को और उल्टा दावा-ए-रसाई है
आड़े-तिरछे मंज़र सीधे हो जाएँगेउल्टा सीधा सब कुछ अच्छा हो जाएगा
आता भी अगर है तो वो फिर जाए है उल्टाजिस वक़्त उलट जाए है तक़दीर किसी की
तक़ाज़ा हो चुकी है और तमन्ना हो रहा हैकि सीधा चाहता हूँ और उल्टा हो रहा है
वहशत में हर इक नक़्शा उल्टा नज़र आता हैमजनूँ नज़र आती है लैला नज़र आता है
इस दौर की तख़्लीक़ भी क्या शीशागरी हैहर आइने में आदमी उल्टा नज़र आए
कहा था उठा पर्दा-ए-शर्म कोवो उल्टा हमीं को उठाने लगे
घड़ी के काँटों को उल्टा घुमा करसमय को मैं बचाना चाहता हूँ
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