आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "unko"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "unko"
ग़ज़ल
दिल करता है फिर से देखूँ खोए हुए उस मंज़र को
प्यासी आँखो को वो नज़ारे कितने सुहाने लगते हैं
कविता किरन
ग़ज़ल
इन को दुख कि हम से वो कहते ये कैसे हम ग़लत थे
इस लिए पहले ही हम ने कह दिया कि हम ग़लत थे
अंकित मौर्या
ग़ज़ल
किसी पे राज़-ए-निहाँ दिल का तेरे ऐ आँखो
जो तुम न गिर्या से अफ़्शा करो तो क्यूँ-कर हो
बहादुर शाह ज़फ़र
ग़ज़ल
सच है इन को मुझ से क्या और मेरे अफ़्साने से क्या
कर दिया दीवाना तो अब काम दीवाने से क्या
शौकत थानवी
ग़ज़ल
तसव्वुरात में इन को बुला के देख लिया
ज़माने भर की नज़र से छुपा के देख लिया
अबु मोहम्मद वासिल बहराईची
ग़ज़ल
क्या जाने कैसे ख़्वाब सजाने पड़ें ऐ 'शौक़'
आँखो में इक हसीन सा मंज़र भी ले चलो