आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",LioC"
नज़्म के संबंधित परिणाम ",lioc"
नज़्म
ज़मीनें हों वडेरों की मशीनें हों लुटेरों की
ख़ुदा ने लिख के दी है ये तुम्हें तहरीर मौलाना
हबीब जालिब
नज़्म
ख़ून जिस का दौड़ता है नब्ज़-ए-इस्तिक़्लाल में
लोच भर देता है जो शहज़ादियों की चाल में
जोश मलीहाबादी
नज़्म
मुझे सोच कर, या खरोच कर, मेरी याद को न आवाज़ दो,
मुझे ख़त में लिख के ख़ुदाओं का न दो वास्ता