आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "مادی"
नज़्म के संबंधित परिणाम "مادی"
नज़्म
अब सब्र के मीठे फल आहें भर भर कर खाते हैं
मालन को बना बैठे ख़ाला माली को रुलाना छोड़ दिया
राजा मेहदी अली ख़ाँ
नज़्म
माद्दी तारीख़-ए-आलम जिस की तालीफ़-ए-अज़ीम
तास कैपिटाल है या ज़ीस्त का लुब्ब-ए-लुबाब
वामिक़ जौनपुरी
नज़्म
राजा मेहदी अली ख़ाँ
नज़्म
मारो न हमें डैडी बचपन का ज़माना है
मौसम है ये हँसने का हँस हँस के बिताना है
राजा मेहदी अली ख़ाँ
नज़्म
एक था राजा मेहदी अली ख़ाँ एक थी उस की रानी
रानी की इक माँ थी या'नी बच्चा लोग की नानी
क़तील शिफ़ाई
नज़्म
हँसी कल से मुझे इस बात पर है आ रही ख़ालू
कि ख़ाला कह रही थीं आप का है क़ाफ़िया आलू
राजा मेहदी अली ख़ाँ
नज़्म
ऐ चचा ख़र्रू शिचोफ़ ऐ मामूँ केंडी अस्सलाम
एक ही ख़त है ये मामूँ और चचा दोनों के नाम
राजा मेहदी अली ख़ाँ
नज़्म
कोई शिकारी बार बार बन में हमारे आए क्यों
चौकेंगे हम हज़ार बार कोई हमें डराए क्यों